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फिक्स्ड इनकम: बॉन्ड्स (bonds), यील्ड्स (yields) और इंटरेस्ट रेट डायनामिक्स (interest rate dynamics)
6 modules | 26 chapters
Module 6
निश्चित आय बाजार (fixed income market) के प्रतिभागी और रणनीतियाँ (strategies)
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क्रेडिट रेटिंग्स (credit ratings) और एजेंसियों (agencies) को समझना

जब हम स्कूल में थे, याद है कैसे हमें अपना मार्क्स रिपोर्ट कार्ड में मिलता था। इससे हमें उस साल की परफॉर्मेंस का अंदाज़ा मिलता था और अगले साल के लिए सुधार के संकेत मिलते थे।

क्रेडिट रेटिंग्स को रिपोर्ट कार्ड की तरह समझें, लेकिन ये कंपनियों और सरकारों के लिए होते हैं जो बॉन्ड्स जारी करते हैं। ये निवेशकों को जारीकर्ता की अपने कर्ज का भुगतान करने की क्षमता का स्वतंत्र आकलन प्रदान करते हैं। इन रेटिंग्स और उन्हें असाइन करने वाली एजेंसियों को समझना फिक्स्ड इनकम (fixed income) इन्वेस्टमेंट्स (investments) के फैसले लेने के लिए जरूरी है।

क्रेडिट रेटिंग्स बॉन्ड जारीकर्ताओं और उनकी डेब्ट सिक्योरिटीज (debt securities) की क्रेडिटवर्थिनेस (creditworthiness) का आकलन करती हैं। ये रेटिंग्स हाई-ग्रेड (high-grade) (सुरक्षित निवेश) से लेकर स्पेकुलेटिव (speculative) या जंक स्टेटस (junk status) (उच्च जोखिम) तक होती हैं। रेटिंग्स डिफॉल्ट की संभावना और निवेशकों के लिए नुकसान के जोखिम को दर्शाती हैं।

प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसियां (Major Credit Rating Agencies):

  1. क्रिसिल (CRISIL - Credit Rating Information Services of India Limited): भारत की अग्रणी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी, जो अपनी विस्तृत रेटिंग्स के लिए व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त और विश्वसनीय है।
  2. आईसीआरए (ICRA - Investment Information and Credit Rating Agency): एक अन्य प्रमुख भारतीय एजेंसी जो विभिन्न सिक्योरिटीज के लिए रेटिंग्स प्रदान करती है।
  3. केयर रेटिंग्स (CARE Ratings): भारत के भीतर क्रेडिट रिस्क एनालिसिस (credit risk analysis) और रेटिंग्स में विशेषज्ञता रखती है।
  4. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां (International Agencies): वैश्विक खिलाड़ी जैसे S&P, मूडीज (Moody's), और फिच (Fitch) भी भारतीय जारीकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड्स के लिए रेटिंग्स प्रदान करते हैं।

रेटिंग स्केल का अवलोकन (Rating Scale Overview):

  • इन्वेस्टमेंट ग्रेड (Investment Grade): AAA (उच्चतम) से BBB- तक की रेटिंग्स। इन बॉन्ड्स में डिफॉल्ट रिस्क (default risk) कम होता है और आमतौर पर रूढ़िवादी निवेशकों द्वारा पसंद किए जाते हैं।
  • नॉन-इन्वेस्टमेंट ग्रेड (Non-Investment Grade - High Yield/Junk): BBB- के नीचे की रेटिंग्स। इन बॉन्ड्स में उच्च जोखिम और संभावित रूप से उच्च रिटर्न्स होते हैं।

क्रेडिट रेटिंग्स का बॉन्ड इन्वेस्टमेंट्स पर प्रभाव (How Credit Ratings Affect Bond Investments):

  • प्राइसिंग (Pricing): उच्च रेटेड बॉन्ड्स आमतौर पर कम यील्ड्स (yields) रखते हैं, जो उनके कम जोखिम को दर्शाते हैं, जबकि कम रेटेड बॉन्ड्स उच्च यील्ड्स प्रदान करते हैं ताकि उच्च जोखिम की भरपाई की जा सके।
  • मार्केट एक्सेस (Market Access): उच्च क्रेडिट रेटिंग्स वाले जारीकर्ताओं को आमतौर पर पूंजी जुटाने में आसानी और सस्ता होता है।
  • निवेशक पात्रता (Investor Eligibility): कई संस्थागत निवेशकों के पास केवल इन्वेस्टमेंट-ग्रेड बॉन्ड्स में निवेश करने के लिए जनादेश होता है।

उदाहरण (Example):

एक AAA-रेटेड (AAA-rated) सरकारी बॉन्ड 6% का यील्ड दे सकता है, जबकि एक BBB-रेटेड (BBB-rated) कॉर्पोरेट बॉन्ड 9% का यील्ड दे सकता है, उच्च डिफॉल्ट जोखिम के कारण।

क्रेडिट रेटिंग्स भारत के फिक्स्ड इनकम मार्केट (fixed income market) में, विशेष रूप से कॉर्पोरेट बॉन्ड्स के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टाटा स्टील (Tata Steel) और रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) जैसी कंपनियां उच्च क्रेडिट रेटिंग्स बनाए रखती हैं ताकि निवेशकों को आकर्षित कर सकें, जबकि छोटी कंपनियों की रेटिंग्स कम और यील्ड्स अधिक हो सकते हैं।

क्रेडिट रेटिंग्स फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट्स की सुरक्षा का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क प्रदान करती हैं। इन रेटिंग्स और इनके पीछे की एजेंसियों को समझकर निवेशक बेहतर सूचित विकल्प बना सकते हैं। अगले अध्याय में, हम बॉन्ड इश्यूअन्स प्रोसेस (Bond Issuance Process) की खोज करेंगे, यह बताते हुए कि बॉन्ड्स को बाजार में कैसे लाया जाता है।

This content has been translated using a translation tool. We strive for accuracy; however, the translation may not fully capture the nuances or context of the original text. If there are discrepancies or errors, they are unintended, and we recommend original language content for accuracy.

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Disclaimer: This article is for informational purposes only and does not constitute financial advice. It is not produced by the desk of the Kotak Securities Research Team, nor is it a report published by the Kotak Securities Research Team. The information presented is compiled from several secondary sources available on the internet and may change over time. Investors should conduct their own research and consult with financial professionals before making any investment decisions. Read the full disclaimer here.

Investments in securities market are subject to market risks, read all the related documents carefully before investing. Brokerage will not exceed SEBI prescribed limit. The securities are quoted as an example and not as a recommendation. SEBI Registration No-INZ000200137 Member Id NSE-08081; BSE-673; MSE-1024, MCX-56285, NCDEX-1262.

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