
Chapter 3 | 4 min read
एमएसीडी (MACD - Moving Average Convergence Divergence)
मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (Moving Average Convergence Divergence - MACD) ट्रेडर्स द्वारा ट्रेंड की स्ट्रेंथ, डायरेक्शन, मोमेंटम और ड्यूरेशन में बदलाव पता लगाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे पॉपुलर मोमेंटम इंडिकेटर्स में से एक है। यह एक ट्रेंड-फॉलोइंग इंडिकेटर है जो दो एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेजेस (Exponential Moving Averages - EMAs) के बीच के रिलेशनशिप को दिखाता है। MACD को बुलिश (bullish) और बेयरिश (bearish) ट्रेंड्स की पहचान में इसकी सादगी और प्रभावशीलता के लिए व्यापक रूप से महत्व दिया जाता है।
इस आर्टिकल में, हम समझाएंगे कि MACD कैसे काम करता है, ट्रेडर्स इसे निर्णय लेने के लिए कैसे उपयोग करते हैं, और यह मार्केट में संभावित रिवर्सल्स या कंटिन्युएशन्स के बारे में इनसाइट्स कैसे प्रदान कर सकता है।
MACD कैसे काम करता है?
MACD की गणना 26-पिरियड EMA से 12-पिरियड EMA घटाकर की जाती है। परिणामस्वरूप MACD लाइन बनती है, जो ज़ीरो के ऊपर और नीचे फ्लक्चुएट करती है। MACD लाइन का 9-पिरियड EMA, जिसे सिग्नल लाइन कहा जाता है, MACD लाइन के ऊपर प्लॉट किया जाता है, जो बाय या सेल सिग्नल्स के लिए एक ट्रिगर का काम करता है।
MACD के तीन मुख्य घटक हैं:
- MACD लाइन: 12-पिरियड और 26-पिरियड EMAs के बीच का अंतर।
- सिग्नल लाइन: MACD लाइन का 9-पिरियड EMA।
- हिस्टोग्राम: MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच के अंतर का एक विजुअल रिप्रेजेंटेशन। हिस्टोग्राम ट्रेडर्स को ट्रेंड की स्ट्रेंथ और मोमेंटम देखने में मदद करता है।

Image Courtesy: Tradingview
MACD (MACD) की व्याख्या
MACD (MACD) कई संकेत प्रदान करता है जो ट्रेडर्स (traders) ट्रेडिंग डिसीज़न (trading decisions) लेने के लिए उपयोग कर सकते हैं। सबसे सामान्य संकेत क्रॉसओवर्स (crossovers), डाइवर्जेन्स (divergences), और MACD हिस्टोग्राम (MACD histogram) का व्यवहार हैं।
(i). MACD क्रॉसओवर संकेत (MACD Crossover Signals)
MACD (MACD) द्वारा प्रदान किया गया सबसे सामान्य संकेत तब होता है जब MACD लाइन (MACD line) सिग्नल लाइन (signal line) के ऊपर या नीचे क्रॉस करता है:
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बुलिश क्रॉसओवर (Bullish Crossover): जब MACD लाइन (MACD line) सिग्नल लाइन (signal line) के ऊपर क्रॉस करता है, तो यह एक संभावित खरीद (buy) संकेत को दर्शाता है। यह सुझाव देता है कि ऊपर की ओर गति बढ़ रही है, और स्टॉक (stock) जारी रह सकता है।
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बियरिश क्रॉसओवर (Bearish Crossover): जब MACD लाइन (MACD line) सिग्नल लाइन (signal line) के नीचे क्रॉस करता है, तो यह एक संभावित बेचने (sell) संकेत को दर्शाता है। यह सुझाव देता है कि नीचे की ओर गति बढ़ रही है, और स्टॉक (stock) गिर सकता है।

इमेज कर्टसी: ट्रेडिंगव्यू
(ii) एमएसीडी हिस्टोग्राम (MACD Histogram)

इमेज कर्टसी: ट्रेडिंगव्यू
MACD (MACD) हिस्टोग्राम MACD (MACD) लाइन और सिग्नल लाइन (signal line) के बीच के अंतर को दर्शाता है। यह ट्रेडर्स (traders) को मौजूदा ट्रेंड (trend) की स्ट्रेंथ (strength) को विजुअली (visually) गेज (gauge) करने में मदद करता है। वाइडनिंग (widening) हिस्टोग्राम बढ़ती मोमेंटम (momentum) को इंगित करता है, जबकि नैरोइंग (narrowing) हिस्टोग्राम यह संकेत देता है कि मोमेंटम (momentum) कमजोर हो सकता है।
(iii) डाइवर्जेंस (divergence)


Image Courtesy: Tradingview
डाइवर्जेंस (Divergence) तब होता है जब किसी स्टॉक की कीमत MACD के विपरीत दिशा में चलती है। यह एक संभावित रिवर्सल का संकेत दे सकता है:
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बुलिश डाइवर्जेंस (Bullish Divergence): अगर कीमत नए निचले स्तर बना रही है जबकि MACD लाइन उच्च निचले स्तर बना रही है, तो यह संकेत देता है कि डाउनवर्ड मोमेंटम कमजोर हो रहा है और कीमत जल्द ही ऊपर की ओर पलट सकती है।
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बियरिश डाइवर्जेंस (Bearish Divergence): अगर कीमत नए ऊँचे स्तर बना रही है जबकि MACD लाइन निचले ऊँचे स्तर बना रही है, तो यह संकेत है कि ऊपर की ओर मोमेंटम कमजोर हो रहा है और कीमत जल्द ही नीचे की ओर पलट सकती है।
ट्रेडर्स MACD का उपयोग कैसे करते हैं? (How Traders Use the MACD?)
ट्रेडर्स अपने ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी के आधार पर MACD का विभिन्न तरीकों से उपयोग करते हैं। यहाँ कुछ सामान्य दृष्टिकोण दिए गए हैं:
1. ट्रेंड आइडेंटिफिकेशन (Trend Identification)
ट्रेडर्स MACD का उपयोग ट्रेंड की दिशा की पुष्टि करने के लिए करते हैं। अगर MACD लाइन सिग्नल लाइन के ऊपर है, तो यह संकेत देता है कि स्टॉक एक अपट्रेंड (uptrend) में है। अगर MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे है, तो यह एक डाउनट्रेंड (downtrend) को इंगित करता है।
2. सिग्नल कन्फर्मेशन (Signal Confirmation)
MACD को अक्सर अन्य तकनीकी इंडिकेटर्स जैसे कि मूविंग एवरेजेज (Moving Averages) या RSI के साथ सिग्नल की पुष्टि करने के लिए प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर MACD एक बाय सिग्नल देता है और कीमत 50-दिन के मूविंग एवरेज के ऊपर है, तो यह बुलिश मूव के लिए मामला मजबूत करता है।
3. डाइवर्जेंस एक चेतावनी के रूप में (Divergence as a Warning)
कई ट्रेडर्स डाइवर्जेंस को चेतावनी संकेत के रूप में उपयोग करते हैं। अगर कोई स्टॉक नए ऊँचे स्तर बना रहा है लेकिन MACD निचले ऊँचे स्तर दिखा रहा है, तो ट्रेडर्स इसे संभावित रिवर्सल या करेक्शन के लिए तैयार होने के संकेत के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
4. हिस्टोग्राम एनालिसिस (Histogram Analysis)
ट्रेडर्स MACD हिस्टोग्राम को मोमेंटम शिफ्ट्स के संकेत के लिए देखते हैं। जब हिस्टोग्राम चौड़ा हो रहा होता है, तो यह संकेत करता है कि वर्तमान ट्रेंड ताकत पकड़ रहा है। जब यह संकुचित होने लगता है, तो यह संकेत हो सकता है कि ट्रेंड कमजोर हो रहा है और एक रिवर्सल निकट हो सकता है।
उदाहरण: HDFC बैंक में MACD का उपयोग (Example: Using MACD in HDFC Bank)
कल्पना करें कि HDFC बैंक एक अपट्रेंड में रहा है, जिसमें कीमत लगातार बढ़ रही है। हालांकि, ट्रेडर्स एक बियरिश डाइवर्जेंस देखते हैं: जबकि स्टॉक नए ऊँचे स्तर बना रहा है, MACD लाइन निचले ऊँचे स्तर बना रही है। यह संकेत देता है कि ऊपर की ओर मोमेंटम कमजोर हो रहा है और कीमत जल्द ही पलट सकती है। ट्रेडर्स अपने लॉन्ग पोज़िशन्स से बाहर निकलने या डाउनटर्न की प्रत्याशा में शॉर्ट पोज़िशन्स में प्रवेश करने का निर्णय ले सकते हैं।
सामान्य गलतियाँ जिनसे बचना चाहिए (Common Mistakes to Avoid)
जबकि MACD एक शक्तिशाली टूल है, इसे सही तरीके से उपयोग करना महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ सामान्य गलतियाँ दी गई हैं जिनसे बचना चाहिए:
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सिर्फ क्रॉसओवर्स पर निर्भर रहना: MACD क्रॉसओवर्स कभी-कभी गलत सिग्नल जेनरेट कर सकते हैं, खासकर एक चॉपी मार्केट में। यह महत्वपूर्ण है कि सिग्नल को अन्य तकनीकी इंडिकेटर्स या प्राइस एक्शन के साथ कन्फर्म किया जाए।
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डाइवर्जेंस को नजरअंदाज करना: डाइवर्जेंस संभावित रिवर्सल्स के शुरुआती चेतावनी संकेत प्रदान कर सकता है। डाइवर्जेंस को नजरअंदाज करने से मौके छूट सकते हैं या ट्रेड्स में बहुत देर से प्रवेश हो सकता है।
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कुल मिलाकर ट्रेंड को ध्यान में न रखना: MACD जब कुल मिलाकर ट्रेंड के साथ उपयोग किया जाता है तब अधिक विश्वसनीय होता है। उदाहरण के लिए, एक मजबूत अपट्रेंड में, बियरिश क्रॉसओवर्स कम प्रभावी हो सकते हैं क्योंकि स्टॉक सिग्नल के बावजूद बढ़ना जारी रख सकता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
MACD एक बहुमुखी और व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला मोमेंटम इंडिकेटर है जो ट्रेडर्स को ट्रेंड की ताकत, मोमेंटम, और संभावित रिवर्सल्स के बारे में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। क्रॉसओवर्स, हिस्टोग्राम्स, और डाइवर्जेंस के मुख्य घटकों को समझकर, ट्रेडर्स सूचित निर्णय ले सकते हैं और अधिक प्रभावी ढंग से जोखिम प्रबंधन कर सकते हैं।
अगले चैप्टर में, हम RSI (Relative Strength Index) का अन्वेषण करेंगे, जो एक और शक्तिशाली मोमेंटम इंडिकेटर है जो ट्रेडर्स को ओवरबॉट और ओवरसोल्ड कंडीशन्स की पहचान करने में मदद करता है।
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